वित्तीय उत्पाद

आईएफसीआई लि., देश के प्रथम विकास वित्तीय संस्थान, की स्थापना 1 जुलाई, 1948 को भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (आईएफसीआई) के रूप में उद्योगों की दीर्घावधि वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य की गई थी । आरम्भ से ही आईएफसीआई ने व्यावसायिक रूप से संगत तथा बाजार के अनुरूप किए गए प्रयासों द्वारा भारतीय उद्योग के आधुनिकीकरण, निर्यात संवर्द्धन, आयात प्रतिस्थापन तथा ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।

उद्योग तथा समाज की आवश्यकताओं को लगातार पूरा करने के उद्देश्य से आईएफसीआई मुख्य रूप से निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करता है, जिन्हें मुख्यतः तीन क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है - परियोजना वित्तपोषण, निगमित वित्त व समूचे उद्योगों, सेवाओं व कृषि आधारित क्षेत्र के लिए संरचित वित्त ।

परियोजना वित्तपोषण

आईएफसीआई के व्यावसायिकों की टीम को अपने कार्यक्षेत्र की गहन समझ है और परियोजनाओं के विभिन्न स्तरों - ग्रीनफील्ड परियोजनाएं, ब्राउनफील्ड, अवस्थापना तथा विनिर्माण क्षेत्रों में विद्यमान परियोजनाओं के विविधीकरण तथा आधुनिकीकरण के लिए बढ़ती हुई तथा विविध अपेक्षाओं को पूरा करने हेतु वित्तीय सेवाओं को प्रदान करने की पूर्ण योग्यता है ।

परियोजना वित्त के अधीन विभिन्न क्षेत्र नवीकरणीय ऊर्जा, दूर-संचार, सड़कें, तेल व गैस, बंदरगाह, जहाजरानी, मूल धातु, रसायन, फार्मास्यूटीकल्स, इलेक्ट्रोनिक्स, कपड़ा, अचल सम्पदा, स्मार्ट सिटिज तथा नगरीय अवस्थापना आदि सम्मिलित हैं ।

निगमित वित्त

आईएफसीआई लघु, मध्यम व बड़ी कम्पनियों के ग्राहकों की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करता है । आईएफसीआई तुलन-पत्र निधिकरण, शेयरों के मद्दे ऋण, पट्टा किराया छूट, प्रवर्तक निधिकरण, दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी अपेक्षाएं, पूंजी व्यय तथा नियमित रखरखाव कैपेक्स के माध्यम से निगमित वित्त के क्षेत्र में वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है ।

ब्रिज फाइनेंसिंग तथा अल्पकालिक कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं सहित आईएफसीआई विभिन्न कारोबारी अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए अल्पकालिक ऋण उत्पाद (एक वर्ष की अवधि तक) भी प्रदान करता है ।

समूहन व परामर्श

आईएफसीआई ने ग्राहकों के अनुकूल निगमित सलाहकारी सेवाएं देने की पहल की है और विभिन्न निगमित निकायों व कम्पनियों की वित्तीय संरचना को सुगम बनाया है । हम अपने परियोजना मूल्यांकन, दस्तावेजीकरण, समूहीकरण, उत्पाद डिजाइन के व्यापक व गहन अनुभव से कम्पनियों के लिए आरम्भ से अन्त तक ग्राहक अनुकूलित समग्र वित्तीय समाधान प्रदान करते हैं । इसके अतिरिक्त, हम हमारी ग्राहक कम्पनियों के लिए ऋण तथा इक्विटी समूहीकरण व सलाहकारी सेवाएं भी प्रदान करते हैं ।

ग्राहकों के अनुकूल निगमित सलाहकारी सेवाओं को प्रदान करने के क्षेत्र में आईएफसीआई ने वित्तीय/निवेश मूल्यांकन, कारोबार पुनर्संरचना और सलाहकारी क्रियाकलापों से सम्बन्धित वित्तीय बाजारों में क्या कमी है नए दत्तकार्य प्राप्त करने में सफल रहा है ।

संरचित उत्पाद

आईएफसीआई संरचित ऋण/मेजनीन उत्पाद की मार्फत अपने ग्राहकों को वित्त प्रदान करता है और अन्य के साथ-साथ प्रायोजक वित्तपोषण, अधिग्रहण वित्तपोषण, पूर्व अभिदान वित्तपोषण तथा तुलन-पत्र में न आने वाली संरचित सेवाओं सम्बन्धी विभिन्न आवश्यकताओं के वित्तपोषण को प्रदान करने में सहायता प्रदान करता है ।

New Year's 2022 Resolution: नये वर्ष पर लें बचत का संकल्प! फिक्स डिपॉजिट नहीं यहां करें निवेश! कम जोखिम में होगी ज्यादा कमाई!

नववर्ष 2023 के बस कुछ दिन शेष रह गये हैं. बहुत से लोग हैं जो नववर्ष को गुडलक मानते हैं. उन्हें लगता है कि नया साल उनके लिए एक सुखद परिवर्तन लाएगा. इसके लिए वे घर-परिवार एवं खुद के सुखद भविष्य के लिए नववर्ष पर नये-नये संकल्प बुनते हैं.

New Year

नववर्ष 2023 के बस कुछ दिन शेष रह गये हैं. बहुत से लोग हैं जो नववर्ष को गुडलक मानते हैं. उन्हें लगता है कि नया साल उनके लिए एक सुखद परिवर्तन लाएगा. इसके लिए वे घर-परिवार एवं खुद के सुखद भविष्य के लिए नववर्ष पर नये-नये संकल्प बुनते हैं. इसी दिशा में बचत के संदर्भ में कुछ उपयोगी सुझाव यहां प्रस्तुत है.

फिक्स डिपॉजिट अब पर्याय नहीं रहा!

एक समय था, जब लोग एक मुश्त रकम के निवेश के लिए फिक्स डिपॉजिट या पोस्ट ऑफिस में इंदिरा विकास पत्र जैसे निवेशों का चुनाव करते थे, क्योंकि तब 5 साल में रकम दुगुनी हो जाती थी, आज अधिकांश बैंकों में 7 फीसदी सालाना दर से ब्याज मिल रहे हैं, जो महंगाई दर के मुकाबले काफी कम है. आज किसी भी फिक्स डिपॉजिट में जमा राशि को दोगुना होने में न्यूनतम 10 वर्ष की अवधि लगती है, क्योंकि वर्तमान में फिक्स डिपॉजिट पर केवल 2 से 3 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिल रहा है. इसलिए में महंगाई के चढ़ते-उतरते ग्राफ को देखते हुए फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना किंचित समझदारी नहीं कही जा सकती. यह भी पढ़ें : वित्तीय बाजारों में क्या कमी है New Year 2023: पश्चिम रेलवे का फैसला, नए साल पर यात्रियों की सुविधा के लिए 31 दिसंबर और 1 जनवरी की मध्यरात्रि के दौरान चलाएगा स्पेशल मुंबई लोकल ट्रेन, चेक डिटेल्स

छोटी रकम से निवेश तो जोखिम भी कम होगा

अगर आपके पास जमा पूंजी नहीं है, तो क्या गारंटी कि नववर्ष 2023 में आपकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी. आज महंगाई के अनुसार आमदनी नहीं बढ़ रही है, तो अगले साल भी आर्थिक संकट बने रहने की संभावना हो सकती है. ऐसे में नववर्ष में अगर आप कुछ जोखिम लेने के लिए तैयार हैं, तो नववर्ष से कुछ उम्मीद कर सकते हैं. इस नववर्ष में अपनी आय के अनुसार कम जोखिम और बेहतर रिटर्न वाले विकल्प का चुनाव कर सकते हैं. इसके लिए शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में रुचि लेना चाहिए. यहां छोटे-छोटे निवेश कर बड़ी आय अर्जित किया जा सकता है. शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए डिमैट अकाउंट की जरूरत होती है, इसके जरिये मात्र 500 रुपये से म्यूचुअल फंड में निवेश की शुरुआत की जा सकती है. किसी वित्तीय एक्सपर्ट से बात कर सीधा शेयर मार्केट में भी निवेश कर सकते हैं. शेयर बाजार में कम जानकारी होने से भारत में आज भी मात्र तीन प्रतिशत लोग शेयर बाजार में निवेश करते हैं, जबकि अमेरिका में 55 फीसदी लोग शेयर बाजार से जुड़े हैं.

बचत को सही जगह करें इन्वेस्ट!

नववर्ष में थोड़ा-सा जोखिम लेकर आप अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना सकते हैं. मान लीजिये आपका वेतन प्रतिमाह 40 हजार रूपये के आसपास है, नववर्ष से प्रति माह आप अपने वेतन से 20 प्रतिशत वित्तीय बाजारों में क्या कमी है की सेविंग करें, इसे रिकरिंग, सेविंग अथवा फिक्स डिपॉजिट में जमा नहीं करें. वेतन के 20 फीसदी में से 10 फीसदी यानी 4 हजार रूपये म्युचुअल फंड में व्यवस्थित निवेश योजना (Systematic Investment Plan) में करें और शेष 10 फीसदी सीधा शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करें, आप देखेंगे कि आपने काफी कम समय में अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं.

ऐसे करें चुनाव शेयर बाजार का!

अगर आप शेयर बाजार के मामले में कुछ भी नहीं जानते हैं तो किसी एक्सपर्ट की मदद जरूर लें, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें कि कि उन्हीं कंपनियों के शेयरों का चुनाव करें, जिनके प्रोडक्ट के बारे में आप अच्छी तरह जानते हैं और स्वयं भी उसका इस्तेमाल करते हैं, साथ ही जांच-परख लें कि अमुक कंपनी मुनाफे में चल रही हो. नुकसान में चल रही कंपनी में कभी भी पैसा इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए.

इस तरह छोटी रकम आप बड़ी पूंजी बना सकते हैं!

अगर आप प्रतिमाह अपने मासिक बचत को एसआईपी करते हैं, तो इसका वार्षिक न्यूनतम 12 प्रतिशत रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं. इस तरह प्रत्येक माह बचत करके 5 साल में बड़ी रकम प्राप्त की जा सकती. लेकिन इस बात का भी ध्यान रखें, कि म्यूचुअल फंड और इक्विटी बाजार में इन्वेस्टमेंट कभी-कभी रिस्की भी हो सकता है. यानि कभी उम्मीद से कम राशि भी प्राप्त हो सकती है, क्योंकि यह बाजार के गिरते उठते ग्राफ पर निर्भर करता है, लेकिन गिरी से गिरी हालत में भी फिक्स अथवा रिकरिंग डिपॉजिट की तुलना में यह बेहतर रिटर्न देता है.

इसके लिए बेहतर होगा कि आप किसी वित्त एक्सपर्ट की मदद लें.

new years 2022 resolution take a resolution to save on the new year invest here not fixed deposit will earn more with less risk

रेटिंग: 4.58
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 712