5- विविध प्लेटफॉर्म: इसके अलावा 5paisa सबसे कुशल और आधुनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्मों में से एक है। यह एक सरल ट्रेडिंग प्लेटफार्म है जो आधुनिक समय की ट्रेडिंग के लिए उपयुक्त है। प्लेटफार्म का उपयोग करना बहुत आसान और सुलभ है और कई नवीन विशेषताएं प्रदान करता है। इस प्लेटफार्म में इंटरफ़ेस को बहुत अच्छी तरीके से डिजाइन किया गया है जो पोर्टफोलियो को खरीदने, बेचने, विश्लेषण और मैनेज करने में मदद करता है।

क्या आपको भारतीय स्टॉक मार्केट में निवेश करने के इन फायदों के बारे में पता है?

Stock Market Investment शेयरों का स्वामित्व आपको वोटिंग अधिकार प्रदान करता है और आपको डिविडेंट बोनस इत्यादि प्राप्त होते है। साथ ही आपकी ग्राोथ भी कंपनी के भविष्य में होने वाली ग्रोथ की रफ्तार पर निर्भर करती है।

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। स्टॉक और स्टॉक मार्केट, ये शब्द तो आपने सुने ही होंगे। लेकिन क्या आपको इनके बारे में पूरी जानकारी है? क्या आपको इनके फायदे के बारे में पता है? क्या आप यह जानते हैं कि इसमें सही तरीके से निवेश करके कोई भी आम इंसान अच्छा खासा घर बैठे- बिठाए मुनाफा कमा सकता है।

वैसे तो हम सभी को यह मालूम है कि निवेश या बचत करने का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है शेयर मार्केट मे इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म क्या हैं? कि हर व्यक्ति अपने भविष्य के वित्तीय उद्देश्यों मजबूती के साथ पूरा कर सके। हालांकि यह भी कही हद तक सच ही है कि मुद्रास्फीति में वृद्धि से आम लोगों के लिए साधारण ढंग से कमाना और अपनी आय के कुछ हिस्से को बचा पाना अपर्याप्त हो गया है। फिर भी हमें अपने फ्यूचर को सुरक्षित करने के लिए बचत करना जरूरी हो जाता है। इसके लिए स्टॉक में निवेश करना महत्वपूर्ण हो जाता है, जोकि बड़ा फायदेमंद भी साबित होता है। आईए, इस लेख में स्टॉक व उनके बारे में बारीकी से समझते हैं।

कम समय में अधिक रिटर्न की प्रबल संभावना

अगर आप भी कम समय में अधिक पैसे कमाने चाहते हैं या अपने पैसे का सही उपयोग करना चाहते हैं तो शेयर मार्केट सबसे सटीक जगह है। इस मार्केट में इन्वेस्टमेंट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें बैंक एफडी, बचत खाते आदि जैसे अन्य इन्वेस्टमेंट की तुलना में थोड़े समय में ही अधिक रिटर्न जेनरेट करने की क्षमता होती है।

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कंपनी में हिस्सेदारी

जब आप पब्लिक लिस्टेड कंपनी के शेयर खरीदते हैं तो इसमें आपके शेयर का आकार कितना भी छोटा क्यों न हो, यह आपको कंपनी पर नियंत्रण प्रदान करता है। शेयरों का यह स्वामित्व आपको वोटिंग अधिकार प्रदान करता है और आपको डिविडेंट, बोनस इत्यादि प्राप्त होते है। साथ ही आपकी ग्राोथ भी कंपनी के भविष्य में होने वाली ग्रोथ की रफ्तार पर निर्भर करता है।

अन्य इन्वेस्टमेंट के विपरीत, शेयरों में कोई लॉक-इन अवधि नहीं होती है। इन्वेस्टर सेकंड के भीतर स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से शेयरों को खरीद और बेच सकते हैं।

Stock Market Investment: what is Face Value, Know all details

सेबी द्वारा अधिकारों को संरक्षित किया जाना

स्टॉक मार्केट को भारतीय सिक्योरिटी और एक्सचेंज बोर्ड (SEBI) द्वारा रेगुलेट किया जाता है। सेबी सख्ती से शेयरधारकों की सुरक्षा के लिए ब्रोकर, सब ब्रोकर, एडवाइजर और स्टॉक एक्सचेंज जैसे मार्केट पार्टिसिपेंट की निगरानी करता है।

लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन जैसे 12 महीने से अधिक समय तक ₹1 लाख रुपये से अधिक की इन्वेस्टमेंट पर 10% टैक्स लगता है। शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स जैसे 12 महीने से कम समय के लिए की गई इन्वेस्टमेंट पर 15% + 3% सेस लगता है। किसी भी पूंजीगत नुकसान को आठ फाइनेंशियल वर्षों तक ऑफसेट या आगे बढ़ाया जा सकता है।

आइए जानते हैं 5paisa से शेयर बाजार में इन्वेस्टमेंट करने के फायदे

बाजार में आपको अनुशासन और धैर्य की जरूरत पड़ती है। मॉर्केट में इन्वेस्ट करने से पहले अच्छी तरह रिसर्च की जरूरत होती है। ऐसे में 5paisa एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो आपकी इनवेस्टमेंट यात्रा को आसान बना सकता है।

नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। स्टॉक मार्केट से अगर पैसा बनाना चाहते हैं, कुछ खास बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए।आमतौर पर शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले यह सोचते हैं कि वो कम समय में ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमा लेंगे। कई बार ऐसा होता है कि कुछ घंटे में शेयर से मोटा मुनाफा हो जाता है। इससे उलट भारी नुकसान भी उठाना पड़ जाता है। लेकिन यह जान लें कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग उतनी आसान भी नहीं है, जितनी आम इन्वेस्टर समझते हैं।

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आइए जानते है 5paisa प्लेटफॉर्म से इन्वेस्टमेंट करने के फायदे:

1- पोर्टफोलियो बास्केट: रणनीति एक व्यापारी को स्टॉक की एक सूची बनाने की सुविधा शेयर मार्केट मे इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म क्या हैं? देती है, जिसे बास्केट कहा जाता है। इसके साथ ही वह एक इकाई के रूप में बचत, व्यापार, मैनेजमेंट और ट्रैक करता है। बास्केट में इन्वेस्ट और इन्वेस्टमेंट स्टाइल, मार्केट सेगमेंट और शेयरों को ट्रैक करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे में 5paisa के प्लेटफॉर्म पर आपको विशेषज्ञों द्वारा बनाई गई पोर्टफोलियो बास्केट आसानी से मिलते है।

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2- स्मार्ट टूल्स: नए लोगों के लिए स्मार्ट निवेश करना कठिन हो सकता है। लेकिन 5paisa के द्वारा ऐसा टूल्स प्रदान किया शेयर मार्केट मे इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म क्या हैं? जाता है जिससे इन्वेस्टर को आसानी से मार्केट संचालन करने के लिए जरुरत पड़ती है। इस प्लेटफॉर्म पर इन्वेस्टर को इस सुचना से निवेशकों को स्मार्ट निवेश के निर्णय लेने में मदद मिल सकता है और जिससे वे लम्बें समय के लिए ज्यादा पैसा बना सकते हैं।

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US Stocks: यूएस मार्केट में कुछ शेयर ऐसे हैं, जिनकी भारतीय रुपये में कीमत 1.5 से 2.5 लाख शेयर मार्केट मे इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म क्या हैं? या इससे भी ज्यादा है. अगर आप इन शेयरों में हिस्सेदार बनना चाहते हैं तो टेंशन ना लें, फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग एक है.

US Stocks: यूएस मार्केट में कुछ शेयर ऐसे हैं, जिनकी भारतीय रुपये में कीमत 1.5 से 2.5 लाख या इससे भी ज्यादा है. अगर आप इन शेयरों में हिस्सेदार बनना चाहते हैं तो टेंशन ना लें, फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग एक है.

Invest in Us Stocks: शेयर में पैसे लगाने की बात कहें तो आमतौर पर हम किसी कंपनी के कुछ स्टॉक खरीदते हैं. स्टॉक की संख्या 10, 20 या कुछ भी हो सकती है. बहुत महंगे शेयर हर तरह के निवेशक नहीं खरीदते हैं. घरेलू बाजार की बात करें तो एक तरीका यह हो सकता है कि ​हम सीधे शेयर खरीदने की बजाए ऐसे म्यूचुअल फंड में पैसे लगाएं, जिसने उस स्टॉक में निवेश किया हो. लेकिन अगर हम एप्पल, गूगल, अमेजॉन और टेस्ला जैसे महंगे विदेशी शेयरों की बात करें तो इसका क्या तरीका है. यूएस स्टॉक मार्केट में कुछ शेयर ऐसे हैं, जिनकी भारतीय रुपये में कीमत 1.5 से 2.5 लाख या इससे भी ज्यादा है. अगर आप भी इन शेयरों में हिस्सेदार बनना चाहते हैं तो टेंशन ना लें, फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग एक ऐसा तरीका है, जिससे यह काम आसानी से हो सकता है.

कुछ महंगे विदेशी शेयरों की रुपये में कीमत

गूगल: 1.76 लाख रुपये (2408 डॉलर)

फेसबुक: 24090 रुपये (330 डॉलर)

अमेजॉन: 2.40 लाख रुपये (3281 डॉलर)

टेस्ला: 43750 रुपये (599 डॉलर)

एप्पल: 9271 रुपये (127 डॉलर)

मौजूदा समय में कई आनलाइल एडवाइजरी और इन्वेस्टमेंट प्लेटफार्म पर फ्रैक्शनल इन्वेस्टिंग की सुविधा दी जा रही है. इसमें 1 शेयर से कम भी आप खरीद सकते हैं. ये प्लेटफॉर्म निवेशकों को यह सुविधा देते हैं कि वे कम से कम 1 डॉलर से विदेशी शेयरों में निवेश की शुरूआत कर सकते हैं. जितना निवेश होगा, कीमत की रेश्यो में शेयर का उतना हिस्सा निवेशक के पोर्टफोलियो में जुड़ जाएगा.

यहां इसे ऐसे समझ सकते हैं कि मान लीजिए किसी शेयर का भाव 200 डॉलर और आपने उसमें 10 डॉलर निवेश किया है. तो शेयर का 0.05 फीसदी हिस्से के आप मालिक बन जाएंगे. इसी तरह से मान लिया कि आप एप्पल का शेयर में मौजूदा समय में 2 डॉलर शेयर मार्केट मे इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म क्या हैं? निवेश करना चाहते हैं. ऐसे में आपको 0.015 हिस्सा मिल जाएगा. एप्पल का शेयर अभी 127 डॉलर का है.

बड़ा पैसा बनाने में शेयर मार्केट कर सकता है मदद, लेकिन इन बातों का जरूर रखें ख्याल!

बड़ा पैसा बनाने में शेयर मार्केट कर सकता है मदद, लेकिन इन बातों का जरूर रखें ख्याल!

शेयर मार्केट और जनरल मार्केट में ज्यादा अंतर नहीं है. जनरल मार्केट में जिस तरह से चीजें खरीदी और बेची जाती हैं उसी तरह से शेयर मार्केट में शेयर खरीदे और बेचे जाते हैं.

शेयर मार्केट क्या है?

शेयर मार्केट एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिस पर खरीदार और विक्रेता कुछ निश्चित घंटों के दौरान पब्लिक लिस्टेड कंपनियों के शेयर खरीदते और बेचते हैं.

शेयर मार्केट में निवेश करने के कई फायदे हैं. यह निवेशकों को ज्यादा पैसा कमाने का मौका देता है. स्टॉक की कीमत समय के साथ बढ़ती या घटती है. शेयर मार्केट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें निवेशकों को कम समय में ज्यादा रिटर्न देने की क्षमता है जो बैंक एफडी जैसे अन्य निवेशों में नहीं होती है. और लंबी अवधि में शेयर किसी भी दूसरी तरह के निवेश की तुलना में ज्यादा रिटर्न देते हैं.

शेयरों को लिक्विड एसेट माना जाता है क्योंकि उन्हें आसानी से कैश में बदला जा सकता है. इसके अलावा शेयर मार्केट को रेगुलेट करने के लिए एक रेगुलेटरी बॉडी (नियामक संस्था) होती है, जो निवेशकों के हितों का भी ध्यान रखती है.

निवेश की शुरुआत कैसे करें

स्टॉक में या शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए सबसे पहले डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होता है. ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल शेयर या बांड खरीदने और बेचने के लिए किया जाता है. वहीं एक डीमैट अकाउंट बैंक अकाउंट की तरह काम करता है, जहां आपके शेयर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में जमा होते हैं.

जब आप शेयर खरीदते और बेचते हैं तो यह आपके अकाउंट में क्रेडिट और डेबिट हो जाते हैं. ट्रेडिंग अकाउंट में लॉग इन करके आप उस स्टॉक को चुन सकते हैं जिसे आप खरीदना या बेचना चाहते हैं. खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके अकाउंट में शेयर खरीदने के लिए पर्याप्त पैसा है. फिर वह कीमत तय करें जिस पर आप शेयर खरीदना या बेचना चाहते हैं.

बाजार को समझना है जरूरी

नए निवेशकों को यह समझना चाहिए कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है. यहां तक कि अनुभवी निवेशक भी हमेशा बाजार के व्यवहार का सटीक अनुमान नहीं लगा सकते हैं. यदि एक दिन स्टॉक की कीमत बढ़ जाती है, तो ऐसा भी हो सकता है कि अगले दिन उसकी कीमत घट जाए. इसलिए, शेयर बाजार को प्रभावित करने वाले कारकों को समझना अहम है. अनुभवी निवेशक भी कई बार गलत साबित हो सकते हैं. छोटी अवधि में होने वाले नुकसान पर फोकस करने के बजाय लंबी अवधि के रिटर्न पर ध्यान दें.

शौकिया निवेशक अक्सर फौरन हाई रिटर्न की उम्मीद करते हैं. उदाहरण के लिए, हर साल स्टॉक पर 100% से अधिक का रिटर्न कमाने की उम्मीद करना ठीक नहीं है. हालांकि, कुछ निवेश हाई रिटर्न दे सकते हैं. इसलिए आपको हमेशा वास्तविकता को समझते हुए निवेश करना चाहिए. फाइनेंशियल गोल ऐसे होने चाहिए जिन्हें आप हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा, उन स्कीम में निवेश से बचें जो कम समय में हाई रिटर्न का वादा करती हैं. निवेश करने से पहले पूरी तरह से रिसर्च कर लें.

शुरुआत में लीवरेज्ड इंस्ट्रूमेंट्स से बचें

नए निवेशकों को कैश डिवीजन में इक्विटी में निवेश करना शुरू कर देना चाहिए और लीवरेज्ड फाइनेंस से बचना चाहिए. लीवरेज्ड निवेश एक ऐसी रणनीति है जिसके तहत पैसे उधार लेकर निवेश के मुनाफे को बढ़ाने का प्रयास किया जाता है. ये लाभ उधार ली गई पूंजी पर निवेश रिटर्न और ब्याज की लागत के बीच के अंतर से प्राप्त होते हैं. इसमें प्रॉफिट की संभावना तो बढ़ जाती है, लेकिन नुकसान की संभावना भी बढ़ जाती है.

फाइनेंशियल स्टेबिलिटी बनाए रखने के लिए चीजों को सरल रखना चाहिए. अपने एनालिसिस को जितना हो सके सरल रखें. जैसा कि पहले हमने बताया है कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव होता ही है. हालांकि, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप कभी भी बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर जल्दबाज़ी में और फौरन फैसले न लें. स्टॉक के प्रदर्शन से घबराने के बजाय, आपको एक व्यापक रणनीति बनानी चाहिए और उस पर टिके रहना चाहिए.

नए निवेशक बनाएं रणनीति

शेयर बाजार में निवेश पर काफी फायदा हो सकता है. हालांकि, आपको कुछ ऐसे नुकसानों से बचना चाहिए जिनका सामना ज्यादातर नए निवेशक पहली बार निवेश करते समय करते हैं. नए लोगों को निवेश के लिए एक रणनीति तैयार करनी चाहिए. यह रणनीति ऐसी होनी चाहिए जिसके तहत बाजार की स्थितियों की परवाह किए बिना अच्छे और बुरे दोनों समय में उस पर कायम रहा जा सके.

(By Anish Singh Thakur. लेखक बूमिंग बुल्स एकेडमी के CEO हैं. यहां व्यक्त विचार लेखक के हैं. Financialexpress.com इसकी जिम्मेदारी नहीं लेता है. कृपया कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें.)

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