बाजार में उतार-चढ़ाव- स्टॉक के साथ-साथ रियल एस्टेट में निवेश से बाजार में उतार-चढ़ाव का खतरा रहता है। स्टॉक लंबे समय में उच्च धन उत्पन्न करने के लिए सिद्ध हुए हैं। यह मानव स्वभाव है कि चरम स्थितियों में अति प्रतिक्रिया करता है जिससे आवेगपूर्ण स्टॉक खरीदने / बेचने के फैसले होते हैं। इस वजह से बाजार के जोखिमों को वहन करते हुए मजबूत निवेश पोर्टफोलियो बनाने के लिए पर्याप्त अनुशासित होना आवश्यक है।

कैसे करें सही शेयर का चुनाव (प्रतिकात्मक तस्वीर)

Investment Tips: क्या आप भी हैं स्टॉक मार्केट में नए? तो सही शेयरों का चुनाव करने के लिए इन मापदंडों को अपनाएं, नहीं होगा जोखिम

कैसे करें सही शेयर का चुनाव (प्रतिकात्मक तस्वीर)

कोरोना महामारी के चलते हमारे जीवन में कई तरह के बदलाव आए हैं। ऐसे में निवेश बाजार में भी एक बदलाव देखने को मिला है। छोटी बचत योजनाओं व बैंक जमा में ब्याज के घटने से अब छोटे निवेशकों ने शेयर बाजार की ओर रुख किया है। खास बात ये है कि एक ओर जहां छोटी बचत योजनाओं में निवेशकों की संखया घटी है, वहीं दूसरी ओर डीमैट खातों की संख्या बढ़कर दस करोड़ के पार पहुंच गई है। बेहतर मुनाफे के चलते भले ही निवेशकों ने इसे अपनाया है, लेकिन इसमें जोखिम भी उतना ही ज्यादा है। कई बार शेयर बाजार और शेयरों की सही समझ नहीं होने के चलते निवेशकों को बड़ा नुकसान भी उठाना पड़ा है। अगर आप भी शेयर बाजार में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं। लेकिन इसके जोखिम को लेकर निवेश करने में हिचकिचा रहे हैं, तो आप इन मापदंडों के आधार पर अपने शेयरों का चुनाव कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि सही शेयर का चुनाव करने के कुछ मापदंड, जिनसे आपके निवेश को जोखिम भी कम होगा और बेहतर रिटर्न दिलाने में भी मदद होगी।

शेयर मार्केट में सीधे निवेश करने से लगता है डर? SIP के जरिये कर सकते हैं निवेश- बस रखना होगा इन बातों का ध्यान

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क्या आपको मालूम है कि एसआईपी के जरिये सीधे शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं। आमतौर पर छोटे निवेश सिस्टमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) के जरिये म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। लेकिन आप एसआईपी के जरिये सीधे शेयरों में भी निवेश कर सकते हैं। यह सुविधा आपको शेयर ब्रोकर उपलब्ध कराते हैं। हालांकि, शेयरों में एसआईपी के जरिये निवेश करने के लिए आपके पास सबसे पहले डीमैट खाता होना जरूरी है। डीमैट खाता खोलने की सुविधा ब्रोकर उपलब्‍ध कराते हैं। डीमैट खाता खुलने के बाद आप अपने मोबाइल एप के जरिये ब्रोकर के प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल करते हुए शेयर बाजार से शेयरों की खरीद सकते हैं। इसके लिए आपका बैंक खाता डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट से जुड़ा होना चाहिए। इसके बाद आप महीने में एक तय राशि एसआईपी के जरिये सीधे शेयर खरीदने में लगा सकते हैं।

Stock Market में पहली बार Invest करने वाले लोगों के लिए 5 महत्वपूर्ण टिप्स

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स्टॉक मार्केट को अनिश्चित्ताओं का बाजार कहा जाता है. यहाँ एक पल में शेयर के दाम जमीन पर तो दूसरे ही पल शेयर सातवे आसमान पर छलांग लगा रहा होता है. लेकिन बावजूद इसके शेयर बाजार में निवेशकों की कमी नहीं है. हर दिन शेयर बाजार को करोड़ों की संख्या में इनवेस्टर्स मिलते हैं. हो सकता है आप भी स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट करने का मन बना चुके हों. अगर वाकई आपने भी शेयर बाजार में अपनी कमाई को इनवेस्ट करने का विचार कर लिया है तो आपको निवेश करने से पहले इनवेस्टिंग (Stock Market Tips) के कुछ खास टिप्स के बारे में जरूर जान लेना चाहिए.

आपके काम की खबर: जानिए स्टॉक मार्केट और रियल एस्टेट में से कौन सा विकल्प है बेहतर

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आमतौर पर यह तर्क दिया जाता है कि शेयरों में निवेश रियल एस्टेट निवेश से कहीं बेहतर है। क्या वास्तव में ऐसा है? इस प्रश्न का वास्तव में कोई सटीक उत्तर नहीं है क्योंकि यह व्यक्तिगत प्राथमिकताओं और वित्तीय उद्देश्यों पर निर्भर करता है। आइए इन दो लोकप्रिय निवेश विकल्पों के गुण और दोषों पर एक नजर डालें: स्टॉक बनाम रियल एस्टेट में निवेश।

स्टॉक्स में निवेश

स्टॉक्स में निवेश करने से आपको कंपनी में हिस्सेदारी मिलती है। स्टॉक निवेश जोखिम लेने वाले निवेशकों का हमेशा से पसंदीदा रहा है जो शेयर बाजार से बड़ा और बेहतर रिटर्न हासिल करना चाहते हैं। हम सभी जानते हैं कि शेयर बाजार जोखिम के अधीन हैं। लेकिन, जैसा कि कहा जाता है, "जितना अधिक जोखिम, उतना Stock Market में निवेश करने के फायदे अधिक रिटर्न" तो शेयर बाजार से भी ऐसी ही उम्मीद की जा सकती है।

शेयरों पर लाभांश अर्जित करना और उन्हें सही समय पर बेचकर लाभ जोड़ना, आय का अच्छा स्रोत प्रदान करता है।

रियल एस्टेट में निवेश

रियल एस्टेट या अचल संपत्ति, एक टैंजिबल एसेट ने दशकों से निवेशकों के लिए लगातार धन अर्जित किया है। वाणिज्यिक हो या आवासीय, रियल एस्टेट में निवेश अधिक धन रखने वाले लोगों का पसंदीदा विकल्प रहा है।

एक निवेशक के रूप में, भारत के विभिन्न शहरों और स्थानों में रियल एस्टेट से रिटर्न काफी भिन्न हो सकता है। घर के अलावा जहां आप रहते हैं, यदि आप कोई अतिरिक्त संपत्ति किराए पर देने की योजना बना रहे हैं, तो यह आपको समय के साथ पूंजी वृद्धि के साथ नियमित किराये की आय प्रदान कर सकता है।

स्टॉक्स बनाम रियल एस्टेट में निवेशः तुलना

लॉन्ग टर्म निवेश- स्टॉक के साथ-साथ रियल एस्टेट दोनों में निवेश को लॉन्ग टर्म निवेश साधन माना जाता है। विशेषज्ञ आमतौर पर इन दोनों परिदृश्यों में काफी लंबी अवधि के लिए निवेशित रहने की सलाह देते हैं।

आपको रियल एस्टेट की तुलना में अपेक्षाकृत कम अवधि में शेयरों से कमाई करने का मौका मिल सकता है। लेकिन, बाजार में तेजी आने तक, आपको अपनी वास्तविक क्षमता अर्जित करने के लिए अपनी संपत्ति को अधिक वर्षों तक रखना पड़ सकता है।

तेज और सुविधाजनक- यहां कोई भी अनुमान लगा सकता है कि शेयरों में निवेश करना इतना तेज़ और सुविधाजनक है, और इसमें लर्निंग कर्व भी छोटा है। आपको बस एक प्रतिष्ठित स्टॉक ब्रोकर के साथ जुड़ना है, डीमैट और ट्रेडिंग खाता खोलना है, इसे अपने बैंक खाते से लिंक करना है और आप शुरुआत कर सकते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

( फायदे ) स्विंग ट्रेडर्स बहुत कम समय में मूल्य परिवर्तन से लाभ कमाने की कोशिश करते हैं। स्विंग ट्रेडिंग के इस Stock Market में निवेश करने के फायदे रूप में लगभग 5% से 10% तक का अच्छा रिटर्न मिलता है। दूसरी बात इसमें आपको पूरा दिन या लगातार अपने कंप्यूटर पर बैठने की आवश्यकता नहीं होती है।

( नुकसान ) स्विंग ट्रेडिंग मे यदि आप लोग अच्छे स्टॉक को नही चुन पाएंगे तो आपको लोस ही होगा क्यूकी इस ट्रेडिंग मे अच्छे स्टॉक को चूनना बहुत जरूरी होता है। ताकी आप लोग ज्यादा दिन तक अच्छी तरह से शेयर मे निवेश कर सके।

शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

( फायदे ) वैसे तो शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग मे अगर आप पुरी जानकारी के साथ शेयर में निवेश करेंगे और सही कंपनी स्सिलेक्ट करोगे तो आप अपने लॉस ओर प्रॉफिट को अच्छी तरह से देख पाएंगे।

( नुकसान ) शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग को अगर आप किसीके कहने पर या विज्ञापन देखकर किसी शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग को खरीद लेते हो तो आपको पक्का लॉस ही होने वाला है। क्युकी आप जिस किसी भी शेयर को खरीदते है, तो उस कंपनी के बारे पूरी जानकारी नहीं जान पाते।

लॉंग टर्म ट्रेडिंग के फायदे और नुकसान

( फायदे ) लॉंग टर्म ट्रेडिंग मे अगर आप कोई अच्छा शेयर रिसर्च करके सिलेक्ट करेंगे Stock Market में निवेश करने के फायदे तो आपको बहुत ज्यादा प्रॉफिट भी हो सकता है। इसके लिए आपको शेयर बाजार के बारे मे सभी जानकारी होनी चाहिए तब आप अच्छा लाभ उठा सकते हो।

( नुकसान ) लॉंग टर्म ट्रेडिंग मे अगर आप कोई अच्छा शेयर रिसर्च करके नही सिलेक्ट करेंगे तो आपको बहुत ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस लिए सही जानकारी के साथ ही लॉंग टर्म ट्रेडिंग में निवेश कीजिए गा।

शेयर बाजार में नुकसान से बचने के टिप्स

A. अपने निवेश का रिस्क मैनेजमेंट करे।
B. शेयर बाजार में अच्छे शेयरों का चुनाव करें।
C. निवेश करने से पहले कंपनी को अच्छी तरीके से जान लें।
D. पारिवारिक और आर्थिक स्थिति को जोखिम में ना डालें।
E. लोन लेकर या किसी से उधर लेकर कभी शेयर बाजार में निवेश ना करें।
F. निवेश करने से पहले शेयर बाजार को सीखने की कोशिश करें।
G. शेयर बाजार में पैसे भले ही कम लेकिन समय ज्यादा निवेश करें।
H. शेयर बाजार मे अधिक समय के लिए निवेश करें।

शेयर बाजार के अंदर निवेशक, बजट और उससे जुड़ी खबरों का कंपनियों पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। कई बार कुछ शेयर लोगो की अपवाहो पर ही अपनी प्रतिक्रिया दे ते हैं। केवल पूर्वानुमानों पर शेयरों में निवेश करने पर खतरनाक साबित हो सकता है।

नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत है आपको इस website पर शेयर मार्केट, म्यूचल फंड, शेयर प्राइस टारगेट, इन्वेस्टमेंट,से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी रिसर्च के साथ हिंदी मे दी जाएगी

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