Crypto News: क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में भूचाल! 1 साल में Bitcoin 75% लुढ़का, जानें बाकी क्रिप्‍टोकरेंसी का हाल

Bitcoin Price: पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन के प्राइस में जबरदस्त गिरावट दर्ज की जा रही है. पिछले साल इसका प्राइस 69,000 डॉलर था जो अब घटकर केवल 16,000 डॉलर पहुंच चुका है.

By: ABP Live | Updated at : 10 Nov 2022 12:50 PM (IST)

Bitcoin Prices Crash: क्रिप्टोकरेंसी बाजार (Cryptocurrency Market) में पिछले कुछ दिनों से भारी उथल-पुथल हो रही है. Binance FTX डील खत्म क्रिप्टोकरेंसी होने के बाद से ही बिटकॉइन के प्राइस (Bitcoin Prices) में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. मंगलवार को जो भारी गिरावट का सिलसिला शुरू हुआ वह बुधवार को भी जारी रहा है.

आज बिटकॉइन के प्राइस में शुरुआती दौर में गिरावट दर्ज की गई और यह 16,000 डॉलर के नीचे आ गया था, लेकिन फिलहाल इसमें तेजी दर्ज की जा रही है. यह फिलहाल बुधवार को 16,676 डॉलर पर ट्रेंड कर रहा था. वहीं Ether की बात करें तो इसके प्राइस में 6.3% की गिरावट दर्ज की गई है और यह रिकॉर्ड स्तर 1,169 डॉलर पर पहुंच गया है.

Bitcoin में दर्ज की गई जबरदस्त गिरावट
गौरतलब है कि दुनिया की सबसे पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन (Bitcoin Price) के प्राइस में जबरदस्त गिरावट दर्ज की जा रही है. पिछले साल इसका प्राइस 69,000 डॉलर था जो अब घटकर केवल 16,000 डॉलर पहुंच चुका है. ऐसे में इसके प्राइस में करीब 75 फीसदी की भारी गिरावट देखने को मिली है. Bitcoin के प्राइस में इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि Binance ने यह ऐलान कर दिया है कि वह FTX के साथ होने वाली डील से वह पीछे हट रहा है. इसके बाद से ही निवेशकों में एक घबराहट का माहौल देखा गया और इस कारण क्रिप्टो मार्केट में भारी बिकवाली देखी गई है.

Bitcoin में गिरावट के पीछे का कारण
आपको बता दें FTX में लिक्विडिटी की समस्या के कारण क्रिप्टो पिछले कुछ हफ्तों में करीब 2 ट्रिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई है. इसके साथ पीछे कुछ समय दुनियाभर के कई केंद्रीय बैंकों ने अपने मौद्रिक नीति में कठोर किया है. ऐसे में इसका बुरा असर क्रिप्टोकरेंसी मार्केट पर भी पड़ रहा है. FTX के वित्तीय संकट के कारण पहले ही क्रिप्टो मार्केट से करीब 180 बिलियन डॉलर पहले ही साफ हो चुके हैं. इसके साथ ही Altcoin Space, MATIC, AVAX और SOL के प्राइस में डबल डिजिट में गिरावट दर्ज की गई है. इसके साथ ही Binance के FTX के सौदे से बाहर निकले के बाद आने वाले दिनों में क्रिप्टो मार्केट में और बड़ी उथल-पुथल देखी जा सकी है. ऐसे में Bitcoin के निवेशकों को तगड़ा नुकसान हो रहा है.

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Published at : 10 Nov 2022 12:50 PM (IST) Tags: Bitcoin Cryptocurrency News Crypto News Bitcoin Prices Crash हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

Cryptocurrency की भारत में आज की कीमत

क्रिप्टो करेंसी ऑनलाइन भुगतान का एक तरीका है जिसे वस्तु और सेवाओं के बदले दिया जाता है. दरअसल क्रिप्टो करेंसी नेटवर्क आधारित डिजिटल मुद्रा है. कुछ कंपनियों ने अपनी क्रिप्टो करेंसी भी जारी की है. जिसे टोकन्स कहते हैं. इन टोकन्स का प्रयोग आमतौर पर कंपनी के ही गुड्स और सर्विसेस खरीदने के लिए होता है.

वास्तविक मुद्रा और क्रिप्टो करेंसी में बेसिक फर्क यही है कि आप जिस पैसे को बाजार में खर्च करते हैं उसे देश का केंद्रीय बैंक जारी करता है. जबकि क्रिप्टो करेंसी को कोई व्यक्ति या कंपनी जारी कर सकती है.

डिसेंट्रलाइज्ड तकनीक क्या है?

डिसेंट्रलाइज्ड तकनीक रिसोर्स का एलोकेशन है. आसान भाषा में समझें तो ये कहा जा सकता है कि किसी वस्तु या रिसोर्स का नियंत्रण किसी एक व्यक्ति, संस्था या सेंट्रल टीम के पास नहीं होता है बल्कि उसका विकेंद्रीकरण यानी डिसेंट्रलाइजेशन होता है. क्रिप्टो करेंसी में जिस तकनीक ब्लॉकचेन का इस्तेमाल किया जाता है, उससे उस क्रिप्टो करेंसी पर किसी एक व्यक्ति या संस्था का नियंत्रण नहीं रहता, बल्कि डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नोलॉजी के जरिये उसे बहुत से कम्प्यूटर के जरिये अलग-अलग लोकेशन से मैनेज किया जाता है और ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड किया जाता है. यह तकनीक जितनी मजबूत होगी वो क्रिप्टो करेंसी उतनी ही सिक्योर होगी.

क्रिप्टोकरेंसी FAQs

CryptoCurrency या डिजिटल करेंसी एक वर्चुअल करेंसी है. इसका यूज भी डिजिटल लेन-देन के लिए किया जा सकता है. इसे आप ना देख सकते हैं ना ही छू सकते हैं. इसका पूरा बिजनेस ऑनलाइन ही होता है. बाकी देशों की करेंसी की तरह इसे कोई कंट्रोल नहीं करता है. इसे नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन ऑपरेट किया जाता है. इस वजह से इसकी कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है.

Bitcoin दुनिया की सबसे पुरानी और पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी है. इसे साल 2008 में बनाया गया था. इसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के तौर पर साल 2009 में रिलीज किया गया था. Bitcoin बनाने वाले व्यक्ति या ग्रुप को Satoshi Nakamoto नाम से क्रिप्टोकरेंसी जाना जाता है. इसे किसी ने देखा नहीं है. इसे बनाने की वजह साफ थी. इसको लेकर कहा गया था ये एक ऐसी डिजिटल करेंसी है जिस पर कोई भी सरकार कंट्रोल नहीं कर सकती है.

CryptoCurrency को भारत में क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म के जरिए खरीदा जा सकता है. आप इन प्लेटफॉर्म पर जाकर अपना अकाउंट बना सकते हैं. उसके बाद बैंक से प्लेटफॉर्म पर पैसे ऐड करके आप किसी क्रिप्टोकरेंसी को खरीद सकते हैं. भारत में WazirX और CoinDCX जैसे क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म काफी पॉपुलर है.

CryptoCurrency पर भारत में काफी ज्यादा टैक्स लगा दिया गया है. सरकार ने इसके लेनदेन पर 30 परसेंट का टैक्स लगाया है. लेकिन, वित्त मंत्री ने साफ किया है देश में क्रिप्टोकरेंसी को फिलहाल लीगल नहीं किया गया है.

इसको लेकर कोई फिक्स फॉर्मूला नहीं है. कई क्रिप्टोकरेंसी कभी-कभी अच्छा फायदा भी करवा देती है लेकिन, कभी-कभी इन्वेस्टर्स का नुकसान भी काफी ज्यादा हो जाता है. आप इसमें बड़ी और पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी जैसे Bitcoin या Ether में इन्वेस्ट करके सेफ रह सकते हैं. लेकिन, इसके लिए आपको क्रिप्टो मार्केट पर भी ध्यान देना होगा. हालांकि, आपको बता दें कि क्रिप्टोकरेंसी को निवेश के मकसद से नहीं बनाया गया था.

बिटकॉइन की कीमत कुछ समय पहले 50 लाख से भी ज्यादा हो गई थी. लेकिन, जब इसे लॉन्च किया गया था तब इसकी कीमत जीरो थी. लेकिन, कुछ ही समय के बाद इसकी कीमत 6 पैसे हो गई थी. अभी इसकी कीमत 31 लाख रुपये करीब है.

क्रिप्टोकरेंसी

Crypto मार्केट में आज आया सुधार, अधिकतर पॉपुलर ऑल्टकॉइन्स की कीमत में इजाफा

ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैपिटलाइजेशन में भी पिछले 24 घंटों में लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.

अरबपति Jeffrey Gundlach ने मार्केट मंदी में क्रिप्टो निवेश से किया किनारा

Jeffrey Gundlach का कहना है कि वो मार्केट के बियरिश ट्रेंड में क्रिप्टो पर्चेज नहीं करेंगे क्योंकि अभी फेडरेल रिजर्व की ओर से कुछ ऐसे कदम उठाए जा सकते हैं जो कि मार्केट पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं.

Shiba Inu की कीमत में गिरावट, ETH व्हेल्स ने खरीदे 1.6 लाख करोड़ SHIB

भारतीय एक्सचेंज कॉइनस्विच कुबेर पर शिबा इनु की कीमत ₹ 0.000977 पर ट्रेड कर रही है जो कि पिछले 24 घंटों में 3.75% की गिरावट है.

Grayscale के फाउंडर को है Bitcoin के 1 लाख डॉलर पर पहुंचने का इंतजार

पिछले कुछ वर्षों में Nicholas ने बिटकॉइन को लेकर प्रतिकूल रवैया रखा है. उन्होंने मार्च में कहा था कि अगर बिटकॉइन एक लाख डॉलर पर भी पहुंचता है तो भी यह एक नाकामी होगी

Crypto एक्सचेंज ने 68 डॉलर रिफंड के बजाए कस्टमर को दिए 72 लाख डॉलर

इस मामले में कस्टमर ने एक्सचेंज को गलत रिफंड की सूचना देने के बजाय एक ज्वाइंट एकाउंट में रकम ट्रांसफर कर दी थी और अपनी बहन के लिए एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदने पर लगभग नौ लाख डॉलर खर्च किए थे

मार्केट एक्सपर्ट Jim Cramer ने दी क्रिप्टोकरेंसीज से बड़ा नुकसान होने की चेतावनी

पिछले महीने उन्होंने क्रिप्टो को सट्टेबाजी का आखिरी गढ़ बताया था. उनका कहना था कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व इस सेगमेंट की कुर्बानी दे सकता है

ईरान में ट्रेडर्स इम्पोर्ट के लिए कर सकेंगे क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल

ईरान के कारोबारी व्हीकल्स और अन्य गुड्स के इम्पोर्ट के लिए डॉलर या यूरो में भुगतान के बजाय क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल कर सकेंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण ग्लोबल बैंकिंग सिस्टम से ईरान बाहर है

Bitcoin 20 हजार डॉलर के पार, Ether ने भी पकड़ी रफ्तार, जानें क्रिप्‍टो मार्केट का ताजा हाल

ग्‍लोबल एक्सचेंजों पर बिटकॉइन की कीमत 20,406 डॉलर (लगभग 16.3 लाख रुपये) है.

बिटकॉइन समेत क्रिप्टो मार्केट में आज दिखा लाल रंग

शिबा इनु खबर लिखे जाने के समय पर $0.000013 (लगभग 0.001066 रुपये) पर ट्रेड कर रहा था

बिटकॉइन फैन माइक एल्फ्रेड 1 करोड़ Cardano टोकन चाहते हैं बांटना!

ट्विटर यूजर्स ने माइक की पोस्ट पर चुटकी भी ली और सवाल खड़े किए कि इतनी बड़ी होल्डिंग को कोई कैसे भूल सकता है

Gemini एक्सचेंज में व्हेल ने ट्रांसफर किए 4 हजार BTC

भेजे गए बिटकॉइन्स की कीमत 8.6 करोड़ डॉलर बताई गई है

अफगानिस्तान में Crypto पर सख्ती, क्रिप्टोकरेंसी पुलिस ने बंद करवाए एक्सचेंज

अफगानिस्तान में पश्चिमी देशों से सहायता प्राप्त करने में क्रिप्टोकरेंसीज से काफी मदद मिली थी। विदेश में मौजूद कुछ संगठनों ने सहायता उपलब्ध कराने क्रिप्टोकरेंसी के लिए क्रिप्टोकरेंसीज का इस्तेमाल किया था

ETH व्हेल ने खरीदे 5300 करोड़ शिबा इनु, कीमत में 5% उछाल

Etherscan के आंकड़ों के अनुसार, व्हेल ने 5300 करोड़ शिबा इनु टोकनों की खरीद की है

बिलिनेयर Mark Cuban ने बताया Ethereum के लिए सपोर्ट का कारण

Cuban ने इसके प्राइस को लेकर को पूर्वानुमान नहीं दिया है. वह मानते हैं कि इस ब्लॉकचेन की उपयोगिता अधिक होने के कारण यह सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin से बेहतर है

हैकर्स ने चुराए 10 करोड़ डॉलर से अधिक के ​NFT

इस सेगमेंट में कारोबार बढ़ने के साथ ही स्कैम के मामलों में भी तेजी आई है. ऐसे कुछ मामलों में NFT खरीदने वालों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. अमेरिका में इस सेगमेंट से जुड़े धोखाधड़ी के कुछ बड़े मामलों का खुलासा हुआ है

ईरान में गैर कानूनी क्रिप्टो माइनिंग के कारण जब्त हुए हजारों माइनिंग इक्विपमेंट

चीन में Bitcoin की माइनिंग पर पिछले वर्ष बैन लगाया गया था. कैम्ब्रिज बिटकॉइन इलेक्ट्रिसिटी कंजम्प्शन इंडेक्स (CBECI) से पता चला है कि चीन में बिटकॉइन माइनिंग एक्टिविटीज में दोबारा तेजी आई है

Ethereum ब्लॉकचेन में बग पकड़ने वालों के लिए रिवॉर्ड में बढ़ोतरी

Ethereum माइनर्स को ब्लॉकचेन पर ट्रांजैक्शंस का ऑर्डर देने के लिए बड़े सर्वर फार्म्स का इस्तेमाल करना पड़ता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी की अधिक खपत होती है और कार्बन एमिशन बढ़ता है

Crypto मार्केट में आया सुधार, Bitcoin, Ether समेत लगभग सभी टोकनों में बढ़त

Bitcoin Cash और Tron उन टोकनों में शामिल थे जिनमें आज हल्का नुकसान देखने को मिला है

Dogecoin अब अमेरिका में ग्रोसरी स्टोर्स पर भी खरीद के लिए उपलब्ध

खरीदारों को इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए अपना Coinme अकाउंट बनाना होगा. जिसके बाद वो Coinstar मशीन पर कैश के बदले एक क्रिप्टो वाउचर पा सकेंगे

Ethereum व्हेल्स ने सेल किए 3 लाख करोड़ शिबा इनु, 1.29% तक सिमटी होल्डिंग

इससे पहले शिबा इनु होल्ड किए जाने टॉप 10 क्रिप्टो एसेट्स की लिस्ट में पहले स्थान पर था, लेकिन अब यह पांचवें स्थान पर आ गया है

क्रिप्टोकरेंसी के हर ट्रांजैक्शन पर आज से लगेगा 1% TDS, जानिए पूरी डिटेल

TDS on Cryptocurrencies: क्रिप्टोकरेसी की खरीद-फरोख्त पर 1 फीसदी टीडीएस से सरकार को 1000 करोड़ रुपये इनकम हो सकती है

क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन पर TDS लगाने के लिए सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 194AS को जोड़ा है.

TDS on Cryptocurrencies: अगर आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते हैं तो आज 1 जुलाई से आप पर टैक्स का बोझ बढ़ जाएगा। आज से क्रिप्टोकरेंसी के हर ट्रांजैक्शन पर 1% TDS देना होगा। इस साल आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सभी क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन पर 1 फीसदी TDS लगाने का प्रस्ताव रखा था। वित्त मंत्री ने क्रिप्टोकरेंसी, नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) सहित सभी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स से होने वाली कमाई पर 30% टैक्स लगाने का भी ऐलान किया था।

CBDT ने बताया कि क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स को टीडीएस कटौती से जुड़ी विस्तृत जानकारियों को अब क्रिप्टोकरेंसी आयकर विभाग के साथ शेयर करना होगा। इसके तहत उन्हें ट्रांजैक्शन की तारीख से लेकर पेमेंट के तरीके के बारे में भी बताना होगा।

क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन पर TDS लगाने के लिए सरकार ने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 194AS को जोड़ा है। इसके तहत 1 जुलाई से एक साल में 10,000 रुपये से अधिक की डिजिटल संपत्ति या क्रिप्टोकरेंसी के पेमेंट पर 1 फीसदी टैक्स डिडेक्टेड एट सोर्स (TDS) लगाया जाएगा।

CBDT ने जारी नोटिफिकेशन में कहा कि नए प्रावधान को लागू करने के लिए आयकर विभाग ने 21 जून को फॉर्म 26क्यूई (26QE) और फॉर्म 16ई (16E) में टीडीएस रिटर्न देने के संबंध में आईटी नियमों में कुछ संशोधनों को नोटिफाई किया है। CBDT ने जारी नोटिफिकेशन में कहा कि धारा 194एस के तहत काटा गया टीडीएस उस महीने के अंत से 30 दिनों के भीतर केंद्र सरकार के पास जमा करना होगा। इस तरह काटे गए टैक्स को चालान सहित फार्म 26q टीडीएस में जमा किया जाएगा।

फीचर आर्टिकल: क्रिप्टोकरेंसी की भारत में स्थिति और निवेशकों का भविष्य

पिछले कुछ समय में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश सबसे हॉट इन्वेस्टमेंट के रूप में उभरा है। खासकर युवा निवेशकों के बीच यह तेजी से लोकप्रिय हुआ है। परंपरागत रूप से सुरक्षित तरीके से पैसा लगाने वाले निवेशक भी इसमें लगातार दिलचस्पी ले रहे हैं।

जहां एक और ब्लॉकचेन की मुख्य भूमिका वाले वेब 3.0 की बात हो रही है, वहीं देश में स्टार्टअप कल्चर भी तेजी से पैर पसार रहा है। ऐसे में दुनिया की सबसे अधिक युवा आबादी वाले देशों में शुमार भारत इस कल्चर को तेजी से अपना रहा है और ब्लॉकचेन आधारित तकनीकों पर बहुत अधिक ध्यान दिया जा रहा है।

क्रिप्टो टैक्स: क्रिप्टो निवेश अब मुख्यधारा में आ चुका है
भारत में क्रिप्टोकरेंसी निवेशक हमेशा से इस बात को लेकर आशंकित रहे हैं कि देश में यह निवेश कानूनी रूप से वैध है या नहीं! इसी धारणा को स्पष्ट करने के लिए पहली बार देश में इस साल के बजट में क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स की बात की गई है।

इस वर्ष के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि क्रिप्टोकरेंसी से होने वाली आय पर अब 30 प्रतिशत कर लगेगा। कराधान उद्देश्य के लिए, क्रिप्टोकरेंसी को अब वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) की परिभाषा में शामिल कर लिया गया है।

इसके अलावा, लेन-देन के विवरण को विनियमित और कैप्चर करने के लिए क्रिप्टो एक्सचेंज या किसी अन्य भुगतानकर्ता द्वारा क्रिप्टोकरंसी के विक्रेता से 1 प्रतिशत टीडीएस की कटौती का भी प्रावधान किया क्रिप्टोकरेंसी गया है, यदि कुल भुगतान 10,000 रुपए वार्षिक से ऊपर है। यह प्रावधान 1 जुलाई 2022 से लागू किए जा रहे हैं।

इस तरह से कहा जा सकता है कि अब भारत में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश पूरी तरह से कानूनी रूप से वैध हो चुका है। जहां तक अधिक कर की बात है तो यह एक लचीली व्यवस्था है। यह शुरुआती समय है और आने वाले समय में इस पर अधिक विचार किया जाएगा। इसके बाद निवेशकों को हित को देखते हुए इसमें आवश्यक बदलाव क्रिप्टोकरेंसी किए जा सकते हैं।

भारत बन रहा वेब 3.0 हब
वेब3 या वेब 3.0 एक नई शब्दावली है, जो ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित है। इसका अर्थ एक ऐसे इंटरनेट स्पेस से है, जो विकेन्द्रीकृत प्रक्रिया को बढ़ावा देता है। सरल शब्दों में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के पास इंटरनेट चरण के स्वामी होने की शक्ति होती है। इसके अनुसार इंटरनेट की दुनिया में आम इंटरनेट उपयोगकर्ता शेयरधारक होंगे।

वेब 3.0 मूल रूप से यह निर्धारित करता है कि किसी दिए गए इंटरनेट व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र में भाग लेने वाले सभी विभिन्न हितधारक अपने डेटा पर नियंत्रण कैसे बनाए रखते हैं। अच्छी बात यह है कि भारत धीरे-धीरे वेब 3.0 अर्ली एडॉप्टर के रूप में विकसित हो रहा है, जिसमें पूरे देश में कार्यक्रमों की योजना तेजी से बनाई जा रही है।

वेब 3.0 में इकोसिस्टम के लिए क्रिप्टो एसेट की जरूरत होती है और यही वजह है कि वेब 3.0 क्रिप्टो करेंसी के अभाव में सफल नहीं हो सकता। नए इकोसिस्टम में एक्सचेंज के मीडियम के रूप में क्रिप्टोकरेंसी का होना जरूरी है। यही कारण है कि वेब 3.0 का क्रेज क्रिप्टो व्यापार को और आगे ले जाएगा।

भारत में क्रिप्टो निवेश: लगातार विकास के पथ पर अग्रसर
भारत में क्रिप्टो निवेशक और HODLers उत्साहित हैं और आशावाद से भरे हुए हैं। HODLers शब्द का चलन क्रिप्टो करेंसी को खरीदकर उसे लंबे समय तक होल्ड करने वाले लोगों के लिए क्रिप्टोकरेंसी किया जाता है। भारत में क्रिप्टो को वैधानिक मान्यता मिलने, वेब 3.0 को जल्दी अपनाने की स्पर्धा और निवेश के लिए आधुनिक विकल्प ने अग्रणी क्रिप्टो एक्सचेंजों रजिस्टर्ड यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ाई है।

कॉइनस्विच कुबेर प्लेटफॉर्म पर 15 मिलियन यानी डेढ़ करोड़ से अधिक यूजर्स हैं और कंपनी अपनी वर्कफोर्स को दिसंबर 2022 तक 1000 तक पहुंचाना चाहती है। कॉइनस्विच भारत का पहला ऐसा क्रिप्टो एक्सचेंज होगा, जो अपनी टीम में वेब 3.0 इंजीनियर्स की भर्ती करेगा। इसके अलावा​ क्रिप्टो के निवेशक इस वजह से भी बढ़ रहे हैं क्योंकि लोग बड़े पैमाने पर निवेश के दूसरे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।

इसमे शामिल है: एनएफटी, मेटावर्स-संचालित निवेश और डिफाइ-आधारित निवेश।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भारत में क्रिप्टो में काफी संभावनाएं हैं। निवेशकों की दिलचस्पी के साथ ही वेब 3.0 के विकास की वजह से क्रिप्टो समय की मांग बन चुके हैं। आधुनिक युग में नवीनतम तकनीकों के साथ यदि किसी निवेश को सबसे अधिक पसंद किया जा रहा है तो वह क्रिप्टो निवेश ही है।

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