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Bitcoin ने लगाई आग, Crypto Market 3 ट्रिलियन डॉलर के पार, इन्वेस्ट करने वालो की बल्ले-बल्ले

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वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार (Cryptocurrency Market) पहली बार 3 ट्रिलियन डॉलर के निशान पर पहुंच गया है। Bitcoin और एथेरियम के मूल्य अब तक के सबसे ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। बिटकॉइन और ether ने मंगलवार को 68,641.57 डॉलर और 4,857.25 डॉलर का एक नया सर्वकालिक रिकॉर्ड बनाया है।

अनिश्चितताओं और इसके आसपास उच्च अस्थिरता के बावजूद, बिटकॉइन इस साल के Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला अंत तक 100,000 डॉलर के निशान को छू सकता है। विशेष रूप से भारत में इसके बढ़ते उपयोग के बीच अकेले बिटकॉइन का बाजार पूंजीकरण विश्व स्तर पर 2.5 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है। बाययूक्‍वाइन के सीईओ शिवम ठकराल ने कहा, दुनिया भर में क्रिप्टो परिसंपत्तियों की बढ़ोतरी इस तथ्य की गवाही देती है कि क्रिप्टो क्रांति में शामिल होने वाले निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हम अपने एक्सचेंज पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में भारी उछाल देख रहे हैं और क्रिप्टो मुद्रास्फीति को मात देने के लिए निवेशकों की पहली पसंद बन गई है।

उन्होंने कहा, हम आशावादी बने हुए हैं कि Bitcoin अपने सर्वकालिक उच्च परीक्षण को जारी रखेगा और इस साल के अंत तक 100,000 डॉलर का अंक प्राप्त करेगा। हम आधुनिक इतिहास में सबसे बड़ी वित्तीय क्रांति देख रहे हैं जो हमेशा के लिए मौद्रिक लेनदेन को निष्पादित करने के तरीके को बदल देगा।

डीवेयर ग्रुप के सीईओ और संस्थापक निगेल ग्रीन, जिसका प्रबंधन में 12 बिलियन है, उनके अनुसार, बिटकॉइन निर्विवाद रूप से एक मुख्यधारा की संपत्ति वर्ग है और अधिकांश निवेशकों को एक विविध पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में क्रिप्टो संपत्ति को शामिल करने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा, जुलाई में, हमने सार्वजनिक रूप से भविष्यवाणी की थी कि बिटकॉइन पहुंच जाएगा और सबसे अधिक संभावना है कि यह पिछले सभी समय के उच्च स्तर को पार कर जाएगा। मुझे विश्वास है कि अल्पावधि में कुछ लाभ हो सकता Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला है, ताकि निवेशक बाद में और अधिक जमा कर सकें, गति ऐसी है कि हम कीमतों को उनके ऊपर की ओर जारी रखने की उम्मीद कर सकते हैं।

भारत में भारतीय क्रिप्टोकरेंसी बाजार 2030 तक 241 मिलियन डॉलर और दुनिया भर में 2026 तक 2.3 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। आईटी उद्योग के शीर्ष निकाय नैसकॉम की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में क्रिप्टोटेक क्षेत्र में 1.5 करोड़ खुदरा निवेशक निवेश कर रहे हैं।

Crypto पर बढ़ी आयकर विभाग की निगरानी, हवाला के जरिए भेजे जा रहे पैसे पर लगेगी लगाम

Crypto Assets: आयकर विभाग को हवाला के जरिए क्रिप्टो में निवेश की सूचना मिल रही है. जिसे लेकर विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है.

Crypto Assets: सरकार द्वारा क्रिप्टो पर टैक्स (Tax on Crypto) लगाने के साथ ही क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों ने इससे बचने के नए तरीके खोज लिए हैं. हालांकि आयकर विभाग की इन सभी पर नजर बनी हुई है. क्रिप्टो में निवेश करने वाले हवाला के जरिए पैसों को बाहर भेज रहे हैं, जहां इन पैसों से किसी और अकाउंट से Cryptocurrency की खरीद की जा रही है.

🌟📈कैश के बदले क्रिप्टो देने वालों पर इनकम टैक्स की नजर, निवेश के लिए हवाला के जरिए पैसे विदेश भेजने के मामले.

आयकर विभाग के सामने आए Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला मामले

इस तरीके के दर्जनों मामले इनकम टैक्स डिपार्टमेंट (Income Tax Department) के सामने आ चुके हैं. हवाला के जरिए दूसरे नाम से क्रिप्टो खरीदने वाली इन सभी कंपनियों पर विभाग की जांच चल रही है. कुछ लोग क्रिप्टो में निवेश करने के लिए फॉरेक्स मनी (Forex Money) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. दिल्ली, NCR, मुंबई, जयपुर और दक्षिण भारत के राज्यों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं.

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इन पर है सरकार की निगरानी

आयकर विभाग (IT Department) के रडार पर ऐसे कई बड़े ऑपरेटर्स हैं, जो इसमें डील करते हैं. इसमें टेरर फंडिंग (Terror Funding) की आशंका को लेकर होम मिनिस्ट्री को भी इसकी सूचना दी जा चुकी है. इन ऑपरेटर्स (Crypto Operators) के ट्रांजैक्शन पर सरकार की नजर है.

RBI ने 4 शहरों में लॉन्च Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला किया Digital Rupee, जानें कैसे खरीदें और इस्तेमाल करें इस डिजिटल करेंसी को

RBI ने कहा कि यूजर्स सेलेक्टेड बैंकों द्वारा पेश किए गए और मोबाइल फोन/उपकरणों पर संग्रहीत डिजिटल वॉलेट के माध्यम से डिजिटल रुपये के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे.

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  • नई दिल्ली ,
  • 02 दिसंबर 2022,
  • (Updated 02 दिसंबर 2022, 11:09 AM IST)

डिजिटल रुपया क्रिप्टोकरंसी से है अलग

4 शहरों में लॉन्च हुआ डिजिटल रुपया

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज 4 शहरों में डिजिटल रुपी पायलट लॉन्च किया है. डिजिटल करेंसी का उद्देश्य धीरे-धीरे पेपर मनी को खत्म करना है. यह क्रिप्टोक्यूरेंसी या ब्लॉकचेन तकनीक से नहीं जुड़ा है.

डिजिटल रुपया क्या है?
डिजिटल रुपया या डिजिटल मुद्रा वर्चुअल मनी है जो फिजिकल मनी के समान उद्देश्य को पूरा करेगा. डिजिटल रुपये और पेपर मनी का मूल्य समान है: 1 डिजिटल रुपया 1 रुपये नकद के बराबर है. क्रिप्टो एक अस्थिर बाजार है और बाजार के अनुसार इसके मूल्य में उतार-चढ़ाव होता है. डिजिटल रुपये का मूल्य कभी नहीं बदलता है और कागजी मुद्रा और सिक्कों के समान मूल्यवर्ग होता है.

इन शहरों में लॉन्च हुआ डिजिटल रुपया
भारत के केंद्रीय बैंक ने मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर सहित चार शहरों में डिजिटल रुपये का पायलट शुरू किया है. शुरुआती टेस्टिंग के लिए, RBI ने चार बैंकों - भारतीय स्टेट बैंक, ICICI बैंक, यस बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक के साथ भागीदारी की.

एक बार परीक्षण प्रक्रिया शुरू होने के बाद, आरबीआई चार और बैंकों में साझेदारी का विस्तार करेगा - बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक. आने वाले दिनों में सेवा का विस्तार और शहरों में भी किया जाएगा. दूसरे चरण में जिन शहरों को डिजिटल रुपये की सुविधा मिलेगी उनमें शामिल हैं - अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, कोच्चि, लखनऊ, पटना और शिमला.

डिजिटल रुपया क्रिप्टोकरंसी से है अलग
डिजिटल रुपया और क्रिप्टोकरेंसी दो अलग-अलग चीजें हैं और किसी भी तरह से एक दूसरे से जुड़ी नहीं हैं. क्रिप्टो ब्लॉकचेन पर आधारित है, डिजिटल रुपये के मामले में ऐसा नहीं है. नया लॉन्च किया गया डिजिटल रुपया सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है, और इसे लॉन्च करने के पीछे का उद्देश्य बाजार से नकदी के पैसे को खत्म करना है.

एक अन्य पहलू जहां क्रिप्टो और डिजिटल रुपया मेल नहीं खाते हैं, वह मूल्य कारक है. क्रिप्टोक्यूरेंसी रिस्क वाला बाजार है और इसका मूल्य बाजार की स्थितियों के आधार पर बदलता है. पर डिजिटल रुपये के मामले में ऐसा नहीं है. इसका मूल्य नकद धन की तरह ही रहता है.

फर्क सिर्फ इतना है कि, जैसा कि नाम Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला से पता चलता है, डिजिटल रुपया पेपर मनी का एक "डिजिटल" प्रारूप है. दिलचस्प बात यह है कि डिजिटल रुपये और पेपर मनी का मूल्य समान है, बस डिजिटल रुपये को संभालना कहीं ज्यादा आसान और सस्ता है.

डिजिटल रुपया कैसे खरीदें
शुरुआती टेस्टिंग के लिए, आरबीआई ने यूजर्स को डिजिटल रुपया जारी Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला करने के लिए चार बैंकों - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के साथ साझेदारी की है. वर्तमान में, आरबीआई पायलट का परीक्षण मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में कर रहा है.

डिजिटल रुपया खरीदने के लिए, लोगों को चार नामित बैंकों में से किसी एक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जाना होगा. अभी के लिए, आरबीआई ने डिजिटल रुपये खरीदने की सटीक प्रक्रिया साझा नहीं की है, लेकिन यह बताया है कि ग्राहक मर्चेंट लॉकेशन्स पर प्रदर्शित क्यूआर कोड का उपयोग करके डिजिटल रुपये के साथ भुगतान करने में सक्षम होंगे और पैसा बैंक वॉलेट से काट लिया जाएगा.

किसने खाया 40 अरब का पिज़्ज़ा? जानिये बिटकॉइन पिज़्ज़ा की अनोखी कहानी

पिज़्ज़ा फ़ास्ट फ़ूड (pizza fast food) का एक ऐसा प्रकार है जिसका नाम लेते ही मुँह में पानी आ जाता है। बच्चे, बढे, बूढ़े सभी की सबसे पसंदीदा डिश पिज़्ज़ा (pizza) माना जाता है। कभी किसी दोस्त की पार्टी में तो कभी ख़ुशी के मौकों पर पिज़्ज़ा हमारा मोस्ट प्रिफर्ड ऑप्शन होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है की दुनिया का सबसे महंगा पिज़्ज़ा कितना महंगा हो सकता है?

इंसान की भूख उससे कुछ भी करवा सकती है यह तो सभी जानते है लेकिन आपको जानकार आश्चर्य होगा की एक ऐसा अमेरिकी भी है जो अपनी पिज़्ज़ा की भूख मिटाने के लिए 40 अरब रुपये तक खर्च कर चुका है।

अमेरिका के फ्लोरिडा (Florida of America) में रह रहे एक व्यक्ति को अपनी पिज़्ज़ा (pizza) की भूख मिटने के लिए 40 अरब रूपए से भी ज्यादा का भुगतान करना पड़ा। जी हाँ, ना तो ये कोई मज़ाक है और न ही हाल ही में बढ़ती महंगाई पर तंज, ये कहानी है दुनिया के सबसे महंगे पिज़्ज़ा की।

आज हम जानेंगे की आखिर क्यों पड़ा इस व्यक्ति को एक पिज़्ज़ा (pizza) इतना महंगा और एक पिज़्ज़ा (pizza) के लिए कैसे चुकाई उन्होंने 40 अरब रूपए की भारी रकम।

अगर आप जानना चाहते हैं इस 40 अरब रूपए के पिज़्ज़ा की अनोखी कहानी तो बने रहिये अग्निबाण पर इस रोचक ब्लॉग श्रंखला में सिर्फ CoinGabbar के साथ।

पिज़्ज़ा और बिटकॉइन की अनोखी दास्ताँ

अरबों रूपए के पिज़्ज़ा की ये कहानी आज कल की नहीं है। इस को समझने के लिए आइये हम आपको लेकर चलते हैं 12 साल पहले के ज़माने में जब क्रिप्टोकरंसी बाजार में अपने वर्चस्व को स्थापित करने में लगी हुई थी।

2010 में बिटकॉइन अपने इस्तेमाल को बढ़ावा देने और और अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लिए संघर्ष कर रहा था। उन्ही दिनों फ्लोरिडा के एक व्यक्ति ने साधारण जीवन में बिटकॉइन के इस्तेमाल का उदहारण पेश करने के लिए एक अनोखा तरीका अपनाया।

लास्ज़लो हान्येक्ज़ नाम के इस व्यक्ति ने बिटकॉइन फोरम (bitcoin forum) पर अपनी लिखी एक पोस्ट में एक पिज़्ज़ा डिलीवरी के बदले 10,000 बिटकॉइन देने का प्रस्ताव रख दिया।

उस समय बिटकॉइन की कीमत बहुत कम होने की वजह से लास्ज़लो को कई दिनों तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली लेकिन उनके इस प्रस्ताव ने बिटकॉइन प्रेमियों के बीच इसकी बढ़ती संभावनाओं को और हवा देने का काम किया।

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कुछ ही दिनों बाद फ्लोरिडा में ही स्थित जेरेमी स्टर्डिवेंट इस प्रस्ताव को बिना किसी शर्त स्वीकार करने को राज़ी हो गए। जेरेमी ने तय किया की वह लास्ज़लो के घर उनकी पसंद के 2 पिज़्ज़ा डिलीवर करेंगे और उसके बदले में लास्ज़लो उन्हें 10,000 बिटकॉइन भेजेंगे।

यकीन मानिये, ऐसा हुआ भी। जेरेमी स्टर्डिवेंट ने 2 पिज़्ज़ा लास्ज़लो के घर पर डिलीवर करे और उसके बदले में 10,000 बिटकॉइन Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला कमाए। यह क्षण बिटकॉइन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना साबित हुआ और बिटकॉइन के पहले आर्थिक ट्रांसैक्शन के तौर पर मशहूर हो गया।

किसने खाया 40 अरब का पिज़्ज़ा?

जिस समय लास्ज़लो हान्येक्ज़ ने बिटकॉइन फोरम के सामने यह प्रस्ताव रखा था तब ना तो लास्ज़लो को और ना ही जेरेमी को इस बात का अंदाजा था की आने वाले भविष्य में एक बिटकॉइन की कीमत कहाँ तक पहुँच सकती है। जिस समय 10,000 बिटकॉइन के बदले 2 पिज़्ज़ा को जेरेमी द्वारा डिलीवर किये गए उस समय इन बिटकॉइन की कुल कीमत $41 से ज्यादा नहीं थी। हालाँकि इस ट्रांसैक्शन के कुछ ही सालों बाद बिटकॉइन की कीमतों ने तेज़ी से रफ़्तार पकड़ी।

बिटकॉइन की कीमतों में तेज़ी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की 2021 में अपने चरम पर ट्रेड कर रहे एक बिटकॉइन की कीमत 50 लाख रूपए तक पहुँच चुकी थी।

अगर लास्ज़लो अपने बिटकॉइन को पिज़्ज़ा पर खर्च ना करके 11 साल बाद उन्हें बेचते तो उन 10,000 बिटकॉइन की कीमत 2021 में 40 अरब रूपए से भी ज्यादा होती। लास्ज़लो ने खुद इस बात को स्वीकारा है की उन Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला बिटकॉइन की बचत न कर पाने का उन्हें बेहद अफ़सोस है।

हालांकि उन्हें इस बात पर गर्व भी है की वो बिटकॉइन के सुनहरे इतिहास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सके। 40 अरब के पिज़्ज़ा का ये किस्सा बिटकॉइन कम्युनिटी में बहुत मशहूर हुआ और लोगों ने इसका नाम बिटकॉइन पिज़्ज़ा रख दिया।

क्या है बिटकॉइन पिज़्ज़ा डे?

बिटकॉइन पिज़्ज़ा (bitcoin pizza) के बारे में तो आप जान ही चुके हैं लेकिन बिटकॉइन कम्युनिटी में इसकी लोकप्रियता बस एक किस्से तक ही सीमित नहीं। बिटकॉइन पिज़्ज़ा की ये कहानी लोगों के दिलों के इतने क़रीब है की हर साल बिटकॉइन कम्युनिटी, 22 मई को ‘बिटकॉइन पिज़्ज़ा डे’ (bitcoin pizza Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला day) के तौर पर मनाती है।

22 मई के दिन ही जेरेमी ने लास्ज़लो के घर पर दो लज़ीज़ पिज़्ज़ा की डिलीवरी करी गयी थी और यह बात लास्ज़लो ने बिटकॉइन फोरम पर कमेंट कर दुनिया से साझा भी की थी।

बिटकॉइन से वास्तविक दुनिया में भी कुछ खरीदा जा सकता है यह बात सभी ने इस प्रसंग के बाद ही जानी और आज हाल ये है की बिटकॉइन इंटरनेट की नयी करंसी बनने के लिए पूरी तरह से तैयार है। 40 अरब का यह पिज़्ज़ा दुनिया में बिटकॉइन लेन-देन की नींव बना और इसके साथ ही डिजिटल करंसी के नए युग की शुरुवात हुई।

क्यों खरीदें बिटकॉइन??

बिटकॉइन इंटरनेट (bitcoin internet) की करंसी के तौर पर मार्केट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा है और इसको लेकर लगाए जा रहे सारे अनुमान, बिटकॉइन के सकारात्मक और स्थिर भविष्य की और संकेत कर रहे हैं। वैश्विक महंगाई के चलते बिटकॉइन की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है और यह गिरावट बिटकॉइन में निवेश के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकती है।

लेकिन अगर एक बिटकॉइन की कीमत इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है तो इसमें निवेश तो आम लोगों के लिए शायद नामुमकिन होगा? यदि आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो हम आपको बता दें की बिटकॉइन में निवेश के लिए Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला आपको एक पूरा बिटकॉइन खरीदने की कोई ज़रुरत नहीं। आप 100 रूपए से भी शुरू कर अपनी इच्छानुसार बिटकॉइन में निवेश कर सकते हैं।

बिटकॉइन (bitcoin) में निवेश न सिर्फ आपको बेहतरीन रिटर्न्स दे सकता है बल्कि आपको भविष्य में होने वाले बदलावों से भी रूबरू करा सकता है। लेकिन सही निवेश के लिए ज़रूरी है बिटकॉइन और क्रिप्टो मार्केट की सही समझ। इसलिए जुड़िये भारत की सबसे बड़ी क्रिप्टो कम्युनिटी से सिर्फ Coin Gabbar पर और पाएं क्रिप्टो से जुड़ी सभी सबसे सटीक जानकारियाँ – सबसे पहले।

क्रिप्टो के नाम पर निवेशकों को 1,200 करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले कारोबारी की संपत्तियां जब्त

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्रिप्टोकरेंसी की पेशकश के नाम पर निवेशकों से करीब 1,200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में केरल के एक कारोबारी की संपत्तियां जब्त कर ली हैं। ईडी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि निशाद के और उसके सहयोगियों के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। उन पर 'मॉरिस कॉइन क्रिप्टोकरेंसी' योजना लाकर जमाकर्ताओं को कथित तौर पर लुभाकर ठगने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि धनशोधन रोधक अधिनियम (Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला पीएमएलए) के तहत केरल के इस कारोबारी की संपत्तियां जब्त करने का अस्थायी आदेश जारी किया गया

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ऊंचे रिटर्न का लालच देकर ऐंठे पैसे
जांच एजेंसी के मुताबिक, निवेशकों को ऊंचे रिटर्न का लालच देकर पैसे जुटाना गैरकानूनी है और किसी नियामकीय एजेंसी की पूर्व-मंजूरी के बगैर ऐसा नहीं किया जा सकता है। एजेंसी ने इस सिलसिले में केरल पुलिस की तरफ से दर्ज कई प्राथमिकियों का अध्ययन करने के बाद निशाद के खिलाफ केस दर्ज किया। उस पर 900 से अधिक निवेशकों से 1,200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया है।

31 साल का है मास्टरमाइंड
ईडी के मुताबिक इस मामले का मास्टरमाइंड 31 साल का निशाद है। वह केरल में मल्लापुरम जिले का रहने वाला है। ईडी के अधिकारियों का दावा है कि उन्नी मुकुंदन के निशाद के साथ संबंध थे। हालांकि ये किस तरह के संबध थे, एजेंसी ने इनका खुलासा नहीं किया है। कन्नूर और मल्लापुरम जिलों की पुलिस ने निशाद और दूसरे लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पिछले साल ईडी ने इस मामले को अपने हाथ में लिया था।

बेंगलूरु की कंपनियों Long Rich Technologies, Long Rich Trading और Long Rich Bitcoin से जुड़ा दिलचस्प मामला Global शुरुआत में ऑनलाइन एजुकेशन एप के नाम पर निवेशकों को लुभाया था। उन्होंने Morris coin को अपने क्रिप्टो कॉइन के रूप में प्रोजेक्ट किया था। लेकिन जब निवेशकों को उनका रिटर्न नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस में शिकायत की। बाद में निशाद केरल हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत लेने के बाद विदेश भाग गया।

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